Slants in Handwriting in Hindi
MehakAggarwal | January 6, 2026 | 0 | Articleग्राफोलॉजी में लिखावट का झुकाव (Slants) व्यक्ति के स्वभाव, भावनाओं और सोचने के तरीके को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लिखावट किस दिशा में झुकी हुई है, इससे यह संकेत मिलता है कि व्यक्ति भावनात्मक रूप से कैसा है, वह निर्णय कैसे लेता है और समाज के साथ उसका व्यवहार कैसा रहता है।
Slants या झुकाव का अर्थ है – लिखते समय अक्षरों और शब्दों की दिशा।
झुकाव का सही विश्लेषण करने के लिए हमेशा सादे और सफेद कागज पर लिखावट का नमूना लेना चाहिए।
Table of Contents
लिखावट के विभिन्न प्रकार के झुकाव
1. दाहिना झुकाव (Right Slant)


जब लिखावट दाईं ओर झुकी हुई होती है, तो इसे दाहिना झुकाव कहा जाता है।
इस प्रकार की लिखावट वाले व्यक्ति भावनात्मक होते हैं और अपनी भावनाओं को आसानी से व्यक्त करते हैं। वे जल्दी गुस्सा हो सकते हैं और निर्णय भी तेजी से लेते हैं। ऐसे लोग सामाजिक होते हैं और दूसरों से बातचीत करना पसंद करते हैं। इन्हें एक्स्ट्रोवर्ट स्वभाव का माना जाता है।
2. बायाँ झुकाव (Left Slant)


जब लिखावट बाईं ओर झुकी होती है, तो इसे बायाँ झुकाव कहा जाता है।
इस प्रकार की लिखावट वाले व्यक्ति स्वभाव से शांत और शर्मीले हो सकते हैं। ये लोग आसानी से किसी से घुलते-मिलते नहीं हैं और अक्सर अपने अतीत के बारे में सोचते रहते हैं। हालांकि, इनका एक सकारात्मक पक्ष यह है कि ये स्वतंत्र होते हैं और अपनी आज़ादी को बहुत महत्व देते हैं।
3. कोई झुकाव नहीं (सीधी लिखावट / Vertical Slant)

जब लिखावट बिल्कुल सीधी होती है और किसी भी दिशा में झुकी नहीं होती, तो इसे सीधी लिखावट कहा जाता है।
इस तरह की लिखावट यह दर्शाती है कि व्यक्ति संतुलित और व्यावहारिक सोच वाला होता है। ऐसे लोग आत्मनिर्भर होते हैं और अपने दम पर आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं। भावनाओं और तर्क के बीच अच्छा संतुलन बनाए रखते हैं।
4. असमान झुकाव (Mixed Slant)

जब लिखावट में कभी दाहिना और कभी बायाँ झुकाव दिखाई देता है, तो इसे असमान झुकाव कहा जाता है।
इस प्रकार की लिखावट वाले व्यक्ति स्वभाव से मूडी हो सकते हैं। इनके व्यवहार में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे लोगों में दाहिने और बाएँ झुकाव, दोनों के गुण पाए जा सकते हैं, जिससे इनका व्यक्तित्व जटिल लेकिन बहुआयामी होता है।
निष्कर्ष
लिखावट का झुकाव व्यक्ति के अंदर छिपी भावनाओं और सोच को समझने का एक सरल तरीका है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के स्वभाव का आकलन करते समय केवल एक ही संकेत पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ग्राफोलॉजी में हमेशा कई संकेतों को एक साथ देखकर निष्कर्ष निकालना अधिक सही माना जाता है।
यदि आप अपने या किसी अन्य व्यक्ति के व्यक्तित्व को बेहतर समझना चाहते हैं, तो लिखावट के झुकाव का अध्ययन एक अच्छा प्रारंभ हो सकता है।


