Sanitary Pad Advertisement which shows blood red colour instead of Blue Colour | TalkInHindi

Sanitary Pad Advertisement which shows blood red colour instead of Blue Colour | TalkInHindi

मासिक धर्म एक वर्जित होने के कारण , हम में से अधिकांश इसके बारे में तब तक अनजान होते हैं जब तक हम इसका अनुभव नहीं करते हैं या इसके बारे में सूचित नहीं किया जाता है। मेरे पुरुष मित्रों से बात करने पर, उनमें से अधिकांश ने बताया कि उन्हें जीव विज्ञान के पाठ पढ़ने या साथियों से बात करने से मासिक धर्म के बारे में पता चला था।

एक ऐसे समाज में रहना जहां पीरियड्स के बारे में ज्यादा बात नहीं कि जाती व जयादातर पीरियड्सको लेकर चुप ही रहा जाता है , विज्ञापन उसी के बारे में जानकारी और ज्ञान प्रदान करने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। वे पीरियड्स के आसपास की कहानी को बदलने की शक्ति रखते हैं।

सेनेटरी पैड की एड में क्या-क्या ग़लत दिखाया जाता है?

कई बार विज्ञापन पीरियड्स के बारे में जानकारी बेहद गुमराह और गलत तरीके से पेश करते रहे हैं। इनमें कुछ बातें समान हैं। लड़कियां अपने सारे सपने पूरे करती हैं। वे पहाड़ों पर चढ़ती हैं और यात्रा पर जाती हैं। यह सब एक खास ब्रांड के सैनिटरी पैड पहनकर किया गया है। एक लड़की कानाफूसी ब्रांड का पैड पहनकर एक पुरस्कार पद जीतती है।

जैसे ही उन्हें सैनिटरी पैड पहनने को मिलते हैं, लड़कियों के एक समूह को नाचते और खुशी से उछलते हुए दिखाया जाता है क्योंकि उन्हें “चेक-चेक” करने की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसा चित्रण हास्यास्पद है। यह हकीकत से कोसों दूर है। यह पीरियड्स के दर्द , ऐंठन, मिजाज और बेचैनी की सच्चाई को नहीं बताता है।

पीरियड्स और मासिक धर्म वाले लोगों का ऐसा अवास्तविक प्रतिनिधित्व दिखाकर, ये विज्ञापन इस विचार का प्रचार करते हैं कि मासिक धर्म वाले लोगों को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। यह मासिक धर्म उत्पादों के अलावा वॉश सुविधाओं की आवश्यकता के विचार से दूर है।

एक अन्य समस्याग्रस्त दृष्टिकोण उत्पाद की अवशोषण क्षमता को चित्रित करने के लिए “रक्त” के बजाय “नीला तरल” दिखाया जाता रहा है। यह बेतुका है। इससे दर्शकों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है क्योंकि डायपर के विज्ञापनों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। उसी के कारण मेरे दोस्त ने पैड को महिलाओं के लिए एक वयस्क डायपर मान लिया क्योंकि उन्हें खड़े होकर पेशाब करने में असुविधा होती है।

यह झूठा प्रतिनिधित्व खून और खून के धब्बों को छिपाने के विचार को उजागर करता है। इसका मतलब है कि पीरियड्स का खून शर्मनाक है और इसे छुपाने की जरूरत है।

विज्ञापन के सामान्य नैतिक सिद्धांतों के अनुसार, ” जब विज्ञापन की बात आती है तो नैतिक आदेश के सिद्धांतों को भी लागू किया जाना चाहिए।” सैनिटरी पैड के विज्ञापन में वास्तविकता दिखाने के लिए विज्ञापनों को अशोभनीय माना जाता है। इसे सार्वजनिक नैतिकता के लिए हानिकारक माना जाता है। यह कुछ और नहीं बल्कि पीरियड्स को छुपाने के लिए निर्धारित सामाजिक मानदंड है।

Stayfree स्टेफ्री का नया एड YouTube पर कब upload किया गया?

अंत में, एक सैनिटरी पैड विज्ञापन भारत में बदलाव का प्रतीक है। मेरे आश्चर्य के लिए, यह “नीला तरल” के बजाय “रक्त” दिखाता है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कितना छोटा है, यह एक जीत है, एक क्रांतिकारी विकल्प। विज्ञापन 30 दिसंबर, 2020 को YouTube पर अपलोड किया गया था।

एक सैनिटरी पैड विज्ञापन जो रक्त को नीला नहीं करता

स्टेफ्री (Stayfree) के सभी विज्ञापन बदल गए हैं और अब खून दिखा रहे हैं। आने वाले समय में, मुझे आशा है कि हमें माहवारी के दौरान मासिक धर्म की अधिक यथार्थवादी तस्वीर देखने को मिलेगी। मुझे उम्मीद है कि हम “उन दिनों”  और  “चेक-चेक” के पीछे एक बहुत ही प्राकृतिक, जैविक प्रक्रिया को छिपाने की धारणा से परे हैं  ।

पहले कदम के साथ, ऐसा लगता है कि स्टेफ्री (Stayfree) ने अपने आप को मौन, कलंक और पीरियड्स के आसपास की वर्जनाओं से मुक्त कर लिया है क्योंकि फुसफुसाने के लिए कुछ भी नहीं है।

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AAzadi Hamari Dhrohar Essay In Hindi, आज़ादी हमारी धरोहर Essay | TalkInHindi

AAzadi Hamari Dhrohar Essay In Hindi, आज़ादी हमारी धरोहर Essay | TalkInHindi

आजादी एक ऐसी स्थिति है जिसमें लोगों को अनावश्यक बाहरी प्रतिबंधों के बिना बोलने, कार्य करने और खुशी प्राप्त करने का अवसर मिलता है। स्वतंत्रता महत्वपूर्ण धरोहर है क्योंकि यह रचनात्मकता और मूल विचार की बढ़ी हुई अभिव्यक्ति, उत्पादकता में वृद्धि और जीवन को समग्र उच्च गुणवत्ता की ओर ले जाती है।

पूर्ण स्वतंत्रता जैसी कोई चीज नहीं है, विशेष रूप से शहरों और देशों जैसे बड़े राजनीतिक अधिकार क्षेत्र में। सभी स्वतंत्रता के लिए व्यक्ति के अधिकारों और राज्य के लक्ष्यों और दायित्वों के बीच समझौता आवश्यक है। नतीजतन, स्वतंत्रता के आदर्शों के बारे में कई कानून, विनियम और न्यायिक घोषणाएं हैं और इसका विवरण है कि कैसे व्यवहार किया जाना है।

दुनिया भर में, कई देशों ने अपनी स्वतंत्रता को परिभाषित करने और उसकी रक्षा करने के लिए सावधानीपूर्वक लिखित दस्तावेजों को अपनाया है। जहाँ आजादी हमारे किये एक धरोहर है वही आजादी के साथ जिम्मेदारी भी आती है.  स्वतंत्रता का अर्थ है उत्पीड़न से मुक्ति, जिम्मेदारियों से मुक्ति नहीं। जैसे कुछ लोगो के लिए –  स्वतंत्रता का अर्थ हानिकारक पदार्थों (जैसे शराब, चीनी, तंबाकू, या वर्तमान में अवैध ड्रग्स) का सेवन करके या तर्कहीन विश्वासों को धारण करके खुद को नुकसान पहुंचाने की स्वतंत्रता है। स्वतंत्रता का अर्थ नस्लवादी विचारों को रखने की स्वतंत्रता और यहां तक कि दूसरों के खिलाफ भेदभाव करने की स्वतंत्रता भी है, जब तक कि उनमें बल, जबरदस्ती या धोखाधड़ी शामिल न हो।  स्वतंत्रता का अर्थ है हथियार रखने की स्वतंत्रता और सरकार द्वारा प्रायोजित सैन्य बलों के लिए वैकल्पिक सेना बनाना। (और यदि आवश्यक हो तो उनका विरोध करें)

सही मायने में स्वतंत्रता का अर्थ है अपने द्वारा चुनी गई हर जगह रहने और काम करने की स्वतंत्रता, जब तक आप अपने आप को सहारा देने के लिए कोई साधन ढूंढते हैं। स्वतंत्रता का अर्थ है व्यापार प्रथाओं की स्वतंत्रता, एक मुक्त अर्थव्यवस्था, और उस पर सरकारी नियंत्रण की कमी। स्वतंत्रता का अर्थ है किसी की इच्छा के विरुद्ध सेना में सेवा करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना।

अंत में, स्वतंत्रता पूरी तरह से संतुष्ट होनी चाहिए। आंशिक स्वतंत्रता पर्याप्त नहीं है, और कुछ मामलों में स्वतंत्रता की कमी का दुरुपयोग हमेशा और भी अधिक स्वतंत्रता से वंचित करने के लिए किया जा सकता है। स्वतंत्रता का तात्पर्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से है, जिसका उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए। पसंद की इस शक्ति को अर्जित करने से स्वतंत्रता एक संपत्ति, एक धरोहर बन जाती है।

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Krishan ji ki Wife, Son कृष्ण जी की पत्नियों और पुत्रों की संख्या कितनी हैं? | TalkInHindi

Krishan ji ki Wife, Son कृष्ण जी की पत्नियों और पुत्रों की संख्या कितनी हैं? | TalkInHindi

मित्रो आज कि प्रस्तुत प्रस्तुति में हम आपको भगवान श्रीकृष्ण के आठ विवाह और उनके अस्सी पुत्रों की कथा बतायेगें।

पुराणों के अनुसार श्री कृष्ण ने 8 स्त्रियों से विवाह किया था जो उनकी पटरानियां बानी थी।
ये थी– रुक्मिणी, जाम्बवती, सत्यभामा, कालिन्दी, मित्रविंदा, सत्या(नाग्नजिती), भद्रा और लक्ष्मणा। प्रत्येक पत्नी से उन्हें 10 पुत्रों की प्राप्ति हुई थी इस तरह से उनके 80 पुत्र थे। आज हम आपको श्री कृष्ण की 8 रानियों और 80 पुत्रों के बारे में बताएँगे।

1) रुक्मिणी-

विदर्भ राज्य का भीष्म नामक एक वीर राजा था। उसकी पुत्री का नाम रुक्मिणी था। वह साक्षात लक्ष्मीजी का ही अंश थीं। वह अत्यधिक सुंदर और सभी गुणों वाली थी। नारद जी द्वारा श्रीकृष्ण के गुणों सा वर्णन सुनने पर रुक्मिणी श्रीकृष्ण से ही विवाह करना चाहती थी। रुक्मिणी के रूप और गुणों की चर्चा सुनकर भगवान कृष्ण ने भी रुक्मिणी के साथ विवाह करने का निश्चय कर लिया था।

रुक्मिणी का एक भाई था, जिसना नाम रुक्मि था। उसने रुक्मिणी का विवाह शिशुपाल से साथ तय कर दिया था। जब यह बात श्रीकृष्ण को पता चली तो वे विवाह से एक दिन पहले बलपूर्वक रुक्मिणी का हरण कर द्वारका ले गए। द्वारका पहुंचने के बाद श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह किया गया। रुकमणी के दस पुत्र पैदा हुये
रूक्मिणी और कृष्ण जी के पुत्रों के ये नाम थे- प्रद्युम्न, चारूदेष्ण, सुदेष्ण, चारूदेह, सुचारू, विचारू, चारू, चरूगुप्त, भद्रचारू, चारूचंद्र।

2) जाम्बवती-

सत्राजित नामक एक यादव था। उसने भगवान सूर्य की बहुत भक्ति की। जिससे खुश होकर भगवान ने उसे एक मणि प्रदान की थी। भगवान कृष्ण ने सत्राजित को वह मणि राजा उग्रसेन को भेंट करने को कहा, लेकिन सत्राजित ने उनकी बात नहीं मानी और मणि अपने पास ही रखी। एक दिन सत्राजित का भाई प्रसेन उस मणि को लेकर जंगल में शिकार करने गया। वहां एक शेर ने प्रसेन का वध करके वह मणि छीन ली और अपनी गुफा में जा छिपा। कुछ दिनों बाद ऋक्षराज जाम्बवन्त ने शेर को मारकर वह मणि अपने पास रख ली।

सत्राजित ने मणि चुराने और अपने भाई का वध करने का दोष श्रीकृष्ण पर लगा। इस दोष के मुक्ति पाने के लिए श्रीकृष्ण उस मणि की खोज करने के लिए वन में गए। मणि की रोशनी से श्रीकृष्ण उस गुफा तक पहुंच गए, जहां जाम्बवन्त और उसकी पुत्री जाम्बवती रहती थी। श्रीकृष्ण और जाम्बवन्त के बीच घोर युद्ध हुआ।

युद्ध में पराजित होने पर जाम्बवन्त को श्रीकृष्ण के स्वयं विष्णु अवतार होने की बात पता चली। श्रीकृष्ण का असली रूप जानने पर जाम्बवन्त ने उनसे क्षमा मांगी और अपने अपराध का प्रायश्चित करने के लिए अपनी पुत्री जाम्बवती का विवाह श्रीकृष्ण के साथ कर दिया।
जाम्बवंती और कृष्ण जी के पुत्र ये थे- साम्ब, सुमित्र, पुरूजित, शतजित, सहस्रजित, विजय, चित्रकेतु, वसुमान, द्रविड़ व क्रतु।

3) सत्यभामा-

मणि लेकर श्रीकृष्ण द्वारका पहुंचे। वहां पहुंचकर श्रीकृष्ण ने वह मणि सत्राजित को दी और खुद पर लगाए दोष को गलत साबित किया। श्रीकृष्ण के निर्दोष साबित होने पर सत्राजित खुद को अपमानित महसूस करने लगा। वह श्रीकृष्ण के तेज को जानता था, इसलिए वह बहुत भयभीत हो गया। उसकी मूर्खता की वजह से कहीं श्रीकृष्ण की उससे कोई दुश्मनी न हो जाए, इस डर से सत्राजित ने अपनी पुत्री सत्यभामा का विवाह श्रीकृष्ण के साथ कर दिया।
सत्यभामा और कृष्ण जी के पुत्रों के नाम थे- भानु, सुभानु, स्वरभानु, प्रभानु, भानुमान, चंद्रभानु, वृहद्भानु, अतिभानु, श्रीभानु और प्रतिभानु।

4) सत्या (नग्नजिती)-

कौशल राज्य के राजा नग्नजित की एक पुत्री थी। जिसका नाम नग्नजिती थी। वह बहुत सुंदर और सभी गुणों वाली थी। अपनी पुत्री के लिए योग्य वर पाने के लिए नग्नजित ने शर्त रखी। शर्त यह थी कि जो भी क्षत्रिय वीर सात बैलों पर जीत प्राप्त कर लेगा, उसी के साथ नग्नजिती का विवाह किया जाएगा। एक दिन भगवान कृष्ण को देख नग्नजिती उन पर मोहित हो गई और मन ही मन भगवान कृष्ण से ही विवाह करने का प्रण ले लिया। भगवान कृष्ण यह बात जान चुके थे।

अपनी भक्त की इच्छा पूरी करने के लिए भगवान कृष्ण ने सातों बैल को अपने वश में करके उन पर विजय प्राप्त की। भगवान का यह पराक्रम देखकर नग्नजित ने अपनी पुत्री का विवाह भगवान कृष्ण के साथ किया।
सत्या और कृष्ण जी के बेटों के नाम ये थे- वीर, अश्वसेन, चंद्र, चित्रगु, वेगवान, वृष, आम, शंकु, वसु और कुंत।

5) कालिन्दी-

एक बार भगवान कृष्ण अपने प्रिय अर्जुन के साथ वन में घूम रहे थे। यात्रा की धकान दूर करने के लिए वे दोनों यमुना नदीं के किनार जाकर बैठ गए। वहां पर श्रीकृष्ण और अर्जुन को एक युवती तपस्या करती हुई दिखाई दी। उस युवती को देखकर अर्जुन ने उसका परिचय पूछा। अर्जुन द्वारा ऐसा पूछने पर उस युवती ने अपना नाम सूर्यपुत्री कालिन्दी बताया।

वह यमुना नदीं में निवास करते हुए भगवान विष्णु को पति रूप में पाने के लिए तपस्या कर रही थी। यह बात जान कर भगवान कृष्ण ने कालिन्दी को अपने भगवान विष्णु के अवतार होने की बात बताई और उसे अपने साथ द्वारका ले गए। द्वारका पहुंचने पर भगवान कृष्ण और कालिन्दी का विवाह किया गया।
कालिंदी और कृष्ण जी के पुत्रों के नाम ये थे- श्रुत, कवि, वृष, वीर, सुबाहु, भद्र, शांति, दर्श, पूर्णमास एवं सोमक।

6) लक्ष्मणा-

लक्ष्मणा ने देवर्षि नारद से भगवान विष्णु के अवतारों के बारे में कई बातों सुनी थी। उसका मन सदैव भगवान के स्मरण और भक्ति में लगा रहता था। लक्ष्मणा भगवान विष्णु को ही अपने पति रूप में प्राप्त करना चाहती थी। उसके पिता यह बात जानते थे।

अपनी पुत्री की इच्छा पूरी करने के लिए उसके पिता ने स्वयंवर का एक ऐसा आयोजन किया, जिसमें लक्ष्य भेद भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण के सिवा कोई दूसरा न कर सके। लक्ष्मणा के पिता ने अपनी पुत्री के विवाह उसी वीर से करने का निश्चय किया, जो की पानी में मछली की परछाई देखकर मछली पर निशाना लगा सके।

शिशुपाल, कर्ण, दुर्योधन, अर्जुन कोई भी इस लक्ष्य का भेद न कर सका। तब भगवान कृष्ण ने केवल परछाई देखकर मछली पर निशाना लगाकर स्वयंवर में विजयी हुए और लक्ष्मणा के साथ विवाह किया।
लक्ष्मणा और कृष्ण जी के पुत्रों के नाम थे- प्रघोष, गात्रवान, सिंह, बल, प्रबल, ऊध्र्वग, महाशक्ति, सह, ओज एवं अपराजित।

7) मित्रविंदा-

अवंतिका (उज्जैन) की राजकुमारी मित्रविंदा के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन किया गया था। उस स्वयंवर में मित्रविंदा जिसे भी अपने पति रूप में चुनती उसके साथ मित्रविंदा का विवाह कर दिया जाता। उस स्वयंवर में भगवान कृष्ण भी पहुंचे। मित्रविंदा भगवान कृष्ण के साथ ही विवाह करना चाहती था, लेकिन उसका भाई विंद दुर्योधन का मित्र था।

इसलिए उसने अपनी बहन को बल से भगवान कृष्ण को चुनने से रोक लिया। जब भगवान कृष्ण को मित्रविंदा के मन की बात पता चली। तब भगवान ने सभी विरोधियों के सामने ही मित्रविंदा का हरण कर लिया और उसके साथ विवाह किया।
मित्रविंदा के पुत्रों के नाम– वृक, हर्ष, अनिल, गृध, वर्धन, अन्नाद, महांश, पावन, वहिन तथा क्षुधि।

8) भद्रा-

भगवान कृष्ण की श्रुतकीर्ति नामक एक भुआ कैकय देश में रहती थी। उनकी एक भद्रा नामक कन्या थी। भद्रा और उसके भाई भगवान कृष्ण के गुणों को जानते थे। इसलिए भद्रा के भाइयों ने उसका विवाह भगवान कृष्ण के साथ करने का निर्णय किया। अपनी भुआ और भाइयों के इच्छा पूरी करने के लिए भगवान कृष्ण ने पूरे विधि-विधान के साथ भद्रा के साथ विवाह किया।
भद्रा के पुत्र– संग्रामजित, वृहत्सेन, शूर, प्रहरण, अरिजित, जय, सुभद्र, वाम, आयु और सत्यक।

क्या कृष्ण जी की सच में 16,000 पत्नियां थी?

** इनके अलावा श्री कृष्ण की 16100 और पत्नियां बताई जाती है। इन 16100 कन्याओं को श्री कृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध कर मुक्त कराया था और अपने यहाँ आश्रय दिया था। इन सभी कन्याओं ने श्री कृष्ण को पति स्वरुप मान लिया था।

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Hindu Shabd ki Utpatti kaisi hui? क्या हिन्दू शब्द सिंधु से बना है? | TalkInHindi

Hindu Shabd ki Utpatti kaisi hui? क्या हिन्दू शब्द सिंधु से बना है? | TalkInHindi

” हिन्दू ” शब्द की खोज –
” हीनं दुष्यति इति हिन्दूः से हुई है ।”

अर्थात : जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते हैं ।

‘ हिन्दू ‘ शब्द, करोड़ों वर्ष प्राचीन, संस्कृत शब्द से है !

यदि संस्कृत के इस शब्द का सन्धि विछेदन करें तो पायेंगे ….

हीन + दू = हीन भावना + से दूर

अर्थात : जो हीन भावना या दुर्भावना से दूर रहे , मुक्त रहे , वो हिन्दू है !

हमें बार – बार, सदा झूठ ही बतलाया जाता है कि हिन्दू शब्द मुगलों ने हमें दिया , जो ” सिंधु ” से ” हिन्दू ” हुआ l

हिन्दू शब्द की वेद से ही उत्पत्ति है !

जानिए , कहाँ से आया हिन्दू शब्द और कैसे हुई इसकी उत्पत्ति ?

कुछ लोग यह कहते हैं कि हिन्दू शब्द सिंधु से बना है औऱ यह फारसी शब्द है । परंतु ऐसा कुछ नहीं है !
ये केवल झुठ फ़ैलाया जाता है ।

हमारे ” वेदों ” और ” पुराणों ” में हिन्दू शब्द का उल्लेख मिलता है । आज हम आपको बता रहे हैं कि हमें हिन्दू शब्द कहाँ से मिला है !

“ऋग्वेद” के ” ब्रहस्पति अग्यम ” में हिन्दू शब्द का उल्लेख इस प्रकार आया हैं :-

“ हिमालयं समारभ्य
यावद् इन्दुसरोवरं ।
तं देवनिर्मितं देशं
हिन्दुस्थानं प्रचक्षते ।”

अर्थात : हिमालय से इंदु सरोवर तक , देव निर्मित देश को हिंदुस्तान कहते हैं !

केवल ” वेद ” ही नहीं, बल्कि ” शैव ” ग्रन्थ में हिन्दू शब्द का उल्लेख इस प्रकार किया गया हैं :-

” हीनं च दूष्यतेव् हिन्दुरित्युच्च ते प्रिये ।”

अर्थात :- जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते हैं !

इससे मिलता जुलता लगभग यही श्लोक ” कल्पद्रुम ” में भी दोहराया गया है :

” हीनं दुष्यति इति हिन्दूः ।”

अर्थात : जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते हैं ।

” पारिजात हरण ” में हिन्दू को कुछ इस प्रकार कहा गया है :-

” हिनस्ति तपसा पापां
दैहिकां दुष्टं ।
हेतिभिः श्त्रुवर्गं च
स हिन्दुर्भिधियते ।”

अर्थात :- जो अपने तप से शत्रुओं का , दुष्टों का , और पाप का नाश कर देता है , वही हिन्दू है !

” माधव दिग्विजय ” में भी हिन्दू शब्द को कुछ इस प्रकार उल्लेखित किया गया है :-

“ ओंकारमन्त्रमूलाढ्य
पुनर्जन्म द्रढ़ाश्य: ।
गौभक्तो भारत:
गरुर्हिन्दुर्हिंसन दूषकः ।”

अर्थात : वो जो ” ओमकार ” को ईश्वरीय धुन माने , कर्मों पर विश्वास करे , गौ-पालक रहे , तथा बुराइयों को दूर रखे, वो हिन्दू है !

केवल इतना ही नहीं , हमारे “ऋगवेद” (8:2:41) में हिन्दू नाम के बहुत ही पराक्रमी और दानी राजा का वर्णन मिलता है , जिन्होंने 46,000 गौमाता दान में दी थी ! और “ऋग्वेद मंडल” में भी उनका वर्णन मिलता है l

बुराइयों को दूर करने के लिए सतत प्रयासरत रहने वाले , सनातन धर्म के पोषक व पालन करने वाले हिन्दू हैं ।

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Slogan On Hindi In Hindi | TalkInHIndi

हिंदी है हमारी राष्ट्रभाष तो क्यों है उसका दूजा दर्ज़ा

अब दिलवा दो उसको पहला दर्ज़ा

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How to Get Fat Lips At Home | TalkInHindi

How to Get Fat Lips At Home | TalkInHindi

जहां तक होंठों का सवाल है तो कई लोगों को फूले हुए और प्लम्प लिप्स बहुत अच्छे लगते हैं। कार्डर्शियन सिस्टर्स के साथ तो यही हुआ है और काइली जेनर ने तो अपनी पूरी लिप कॉस्मेटिक लाइन सिर्फ प्लम्प लिप्स के लिए ही लॉन्च कर दी है। कई बार लोगों के होंठ पहले से ही मोटे होते हैं और कई बार पतले होंठों को मोटा दिखाने के लिए कुछ काम किए जा सकते हैं। 

अब लिपस्टिक लगाना अगर आपको पसंद है, लेकिन आपके होंठ अगर पतले हैं तो हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स के बारे में बताते हैं जो आपको पसंद भी आ सकते हैं और साथ ही साथ आपको वो प्लम्प लिप्स वाला लुक भी दे सकते हैं। ये ट्रिक्स आप मेकअप की मदद से और कुछ लिप केयर तरीकों की मदद से आप भी अपने होंठों को पतले से मोटा दिखा सकते हैं। 

पहले आपको ये ध्यान रखना होगा कि ये तरीके बस थोड़ा सा अंतर लेकर आएंगे और अगर आप बिल्कुल लिप फिलर जैसा बदलाव चाहते हैं तो उसके लिए एक बार डॉक्टर से सलाह लेकर कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स करवाने पड़ सकते हैं। 

आउटलाइन से बनाएं होंठों को मोटा

काइली जेनर ने अपने लिप एन्हेंसमेंट प्रोसीजर से पहले ऐसी कई ट्रिक्स फॉलो की थीं जिनसे वो अपने होंठों को बड़ा दिखाती थीं। वो कई बार ये ट्रिक्स अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी शेयर करती थीं। काइली जेनर ही नहीं कई मेकअप आर्टिस्ट्स की फेवरेट ट्रिक है होंठों को एक्स्ट्रा आउटलाइन करना। ये तरीका इंस्टेंट है और आपके होंठों को थोड़ा भरा-भरा दिखा सकता है। 

  • आपके होंठ मॉइश्चराइज होने चाहिए। 
  • अपने होंठों पर भी कॉन्टोरिंग करें ताकि आउटर लाइन विजिबल ना हो।
  • अब अपने होंठों की आउटर लाइन से थोड़ा सा बाहर जाकर लिप लाइनर से लाइन बनाएं। 
  • अब इनर लिप्स को लिपस्टिक से भर दें। 

ब्लेंडिंग को ना भूलें

यहां गालों पर होने वाली फाउंडेशन ब्लेंडिंग की बात नहीं हो रही है बल्कि यहां बात हो रही है होंठों पर लिपस्टिक और लिप लाइनर की ब्लेंडिंग की। अगर आप बिना ब्लेंडिंग के लाइनर को ऐसा ही छोड़ देंगे तो हो सकता है कि आपके होंठों में लिप लाइनर अलग से दिखेगा। इसके लिए बेहतर होगा कि किसी लिपस्टिक ब्रश से इन दोनों को ब्लेंड कर लें। ये तरीका काफी असरदार हो सकता है और इससे इंस्टेंट आपके होंठ मोटे दिखने लगेंगे।  

ध्यान रहे ये सिर्फ इल्यूजन होगा और आपको लिपस्टिक को सेट हो जाने का समय देना होगा।  

डार्क और मैट लिपस्टिक

 लाइट लिपस्टिक आपके होंठों को नेचुरल रंगत तो देंगी, लेकिन ये उन्हें उभरा हुआ दिखाने की कोशिश कर रहे हैं तो न्यूट्रल रंगों से बचें। डार्क लिप्स अपने आप ही आकर्षक और उभरे हुए दिखते हैं और ऐसे में आप बहुत सारी मेकअप ट्रिक्स भी कर सकते हैं। ग्लॉसी लिपस्टिक ह्यूमिड और गर्म मौसम में अवॉइड करें क्योंकि ऐसा करने पर आप कोई भी मेकअप ट्रिक करेंगे तो हो सकता है थोड़ी देर में लिपस्टिक स्मज होने लगे। उस समस्या से बचने के लिए मैट लिपस्टिक या क्रेऑन बेहतर साबित हो सकते हैं।  

लिपस्टिक लगाने से पहले करें एक्सफोलिएट-

ये बहुत जरूरी है कि आप अपने लिप केयर रूटीन में एक्सफोलिएशन शामिल करें और हफ्ते में कम से कम एक बार तो होंठों को एक्सफोलिएट कर ही लें, लेकिन अगर आप इंस्टेंट असर चाहती हैं तो लिप्स को टूथब्रश और टूथपेस्ट की मदद से लिपस्टिक लगाने से आधे घंटे पहले भी एक्सफोलिएट कर लें। टूथपेस्ट में मिंट होती है जिससे आपके लिप्स प्लम्प लुक पा सकते हैं। ये सिर्फ एक छोटी सी ट्रिक है और आपको बहुत ही मीडियम प्रेशर का इस्तेमाल करना है।  

ऐसा बिल्कुल ना करें कि आप बहुत ज्यादा एक्सफोलिएट कर लें, ऐसे में होंठ छिल भी सकते हैं। एक्सफोलिएशन के बाद होंठों को मॉइश्चराइज भी जरूर कर लें।  

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How To look Slim In Plus Size Kurti | TalkInHindi

How To look Slim In Plus Size Kurti | TalkInHindi

प्लस साइज वुमन हमेशा ही अपनी बॉडी को लेकर कॉन्शियस रहती हैं। उनके मन में हमेशा यही इच्छा होती है कि वह कुछ ऐसा पहनें, जिसमें वह स्लिम लुक दें या फिर वह जो भी पहनें, उसमें वह बहुत अधिक हैवी या बल्की नजर ना आएं। कई बार इस चक्कर में प्लस साइज वुमन खुद को कुछ आउटफिट्स या लुक में बांध लेती हैं। हो सकता है कि आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता हो। लेकिन वास्तव में आप कुछ भी पहन सकती हैं, बस जरूरी है कि आपकी स्टाइलिंग का तरीका सही हो। 

अगर आप एथनिक वियर लुक क्रिएट करना चाहती हैं और इसलिए कुर्ती को अपने स्टाइल का हिस्सा बना रही हैं तो यह जरूरी हो जाता है कि आपका कुर्ती सलेक्शन से लेकर स्टाइलिंग का तरीका सही हो। आमतौर पर, प्लस साइज वुमन केवल अपने टमी एरिया को हाइड करने के चक्कर में लगी रहती हैं और इसलिए कुर्ती का ऑप्शन चुनती हैं। जबकि इसे सही तरह से कैरी करके आप एक बेहद ही स्टाइलिश लुक क्रिएट कर सकती हैं। तो चलिए आज हम आपको प्लस साइज में कुर्ती स्टाइलिंग के कुछ बेहतरीन आईडियाज शेयर कर रहे हैं, जो आपके भी बेहद काम आ सकते हैं-

सही हो कुर्ती

जब आप कुर्ती को स्टाइल कर रही हैं तो सबसे पहला और जरूरी स्टेप है कि आपका कुर्ती का सलेक्शन सही हो। आज के समय में मार्केट में कुर्ती के स्टाइल्स में ऑप्शन्स की कमी नहीं है। इसलिए, अगर कुर्ती सलेक्शन में आपसे गड़बड़ हो जाती है, तभी आपका पूरा लुक बिगड़ जाता है। स्ट्रेट कुर्ती से लेकर ए लाइन कुर्ती व बिना फ्लेयर वाली अनारकली कुर्ती आपको अधिक स्लिम लुक देती है। आप कभी भी स्कर्ट स्टाइल कुर्ती या फ्लेयर्ड कुर्ती को सलेक्ट ना करें। फ्लेयर आपको बहुत अधिक वाइड दिखाते हैं, जिससे आप अधिक बल्की लगती हैं।

पैटर्न भी हो खास

जब आप कुर्ती पहन रही हैं तो उसके पैटर्न को भी समझदारी से सलेक्ट करना चाहिए, ताकि आप एक स्लिम लुक दे सकें। स्लिम लुक के लिए ज्योमैट्रिक पैटर्न यकीनन एक बेहतर विकल्प है। वहीं, अगर आप स्ट्राइप्स पैटर्न का ऑप्शन चुन रही हैं तो कोशिश करें कि वह वर्टिकल हो। हॉरिजोन्टल स्ट्राइप्स पैटर्न कुर्ती को पहनना अवॉयड करें। वर्टिकल लाइन्स एक स्लिमर फिगर का भ्रम पैदा करती हैं, जिससे आप अधिक स्लिम नजर आती हैं। वहीं, लार्ज चेक्स आदि को भी पहनने से बचें।

क्रिएट करें हाइट इल्यूजन

जो महिलाएं प्लस साइज की होती हैं, उनकी आमतौर पर मध्यम से छोटी लंबाई होती है। ऐसे में जब आप कुर्ती पहन रही हैं तो कोशिश करें कि इसमें आपकी हाइट थोड़ी अधिक दिखे। दरअसल, जब आपकी हाइट अधिक नजर आती है, तो आपका वजन भी कम लगता है। ऐसे में हाइट इल्यूजन क्रिएट करने का सबसे आसान व बेहतर तरीका है कि आप मोनोक्रोम कुर्तियां जिनमें साधारण पैटर्न होते हैं, उन्हें अपने लुक का हिस्सा बनाएं। इसके अलावा, बॉटम वियर सलेक्ट करते समय नी-लेंथ या फिर एंकल लेंथ बॉटम पहनने से बचें, क्योंकि इससे आप अधिक छोटी नजर आती हैं।

इस बात का भी रखें ध्यान

जब आप कुर्ती में खुद को स्टाइल कर रही हैं तो आपको अपनी एसेसरीज पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। बेहतर होगा कि आप ओवर एसेसराइजिंग से बचें। प्लस साइज वुमन  के लिए कुर्ती कैरी करते समय लेस इस मोर का फंडा काम आता है। मिमिनल एसेसरीज में आपका लुक बेहद ही अच्छा लगता है। वहीं, बहुत अधिक नेकपीस या ब्रेसलेट आदि कैरी करने से आप अधिक छोटी व बल्की नजर आती हैं।

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Dark Circles Kasie Remove Kare | TalkInHindi

Dark Circles Kasie Remove Kare | TalkInHindi

स्किन की सभी समस्याओं में से डार्क सर्किल की समस्या सबसे जटिल मानी जाती है. एक बार आने के बाद ये आसानी से नहीं जाती. जानते हैं कुछ होम रेमेडीज जो डार्क सर्किल्स के लिए काफी अच्छी मानी जाती हैं.

स्किन प्रॉब्लम्स में डार्क सर्किल्स बहुत ही ढ़ीट माने जाते हैं. कितनी भी कोशिश कर लें पर ये आसानी से नहीं जाते. इनसे बचने का बेस्ट तरीका यह होता है कि जैसे ही हल्के-फुल्के काले घेरे दिखाई दें, इनका इलाज करने लगें वरना यह आसानी से चेहरे का साथ नहीं छोड़ते. इस काम के लिए आप अपना सकते हैं कुछ होम रेमेडीज.

टमाटर और बेसन का पेस्ट

डार्क सर्किल्स मिटाने के लिए टमाटर का पेस्ट काफी फायदेमंद साबित होता है. इसे बनाने के लिए एक टमाटर लेकर पीस लें और उसमें कुछ बूंद नींबू का रस मिला दें. इसके बाद कुछ मात्रा में बेसन मिलाकर इसका पेस्ट बना लें और आंखों के नीचे लगा लें. करीब 15 से 20 मिनट पेस्ट लगा रहने दें और फिर पानी से मुंह धो लें. ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार करें.

पुदीने की पत्ती का पेस्ट

ताजे पुदीने की पत्ती को पीस लें और आंखों के नीचे धीरे से लगा लें. 10 से 15 मिनट इसे लगा रहने दें फिर ठंडे पानी में कपड़ा डूबाकर आंख के नीचे साफ कर लें. इससे आंखों की थकान भी कम होगी और धीरे-धीरे काले घेरे में जाएंगे.

संतरे का जूस और ग्लिसरीन

एक चम्मच संतरे के रस में कुछ बूंद ग्लिसरीन की मिलाकर इसे आंखों के नीचे लगाएं. इससे कुछ ही दिनों में आंखों के नीचे की रिंकल्स भी खत्म होंगी और काले घेरे भी.

खीरा और आलू की स्लाइस

खीरा और आलू की पतली स्लाइस काटकर लगाना हमेशा बहुत असरदार होता है. आप चाहें तो इनका रस निकालकर फ्रीजर में उसे जमाकर भी आंखों के नीचे लगा सकते हैं. इससे आंखों के नीचे मसाज करें और बचे रस को लगा रहने दें. 10 मिनट बाद मुंह धो लें.

इसी प्रकार बादाम का तेल भी काले घेरों के लिए बहुत अच्छा उपाय है. अपनी रिंग फिंगर में हल्का सा तेल लेकर मसाज करें और रातभर के लिए छोड़ दें. इन तरीकों से आपको जल्दी लाभ मिलेगा.

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Remove Facial Hair | TalkInHindi

Remove Facial Hair | TalkInHindi

चेहरे की खूबसूरती को बनाएं रखने के लिए महिलाएं क्या कुछ नहीं करती हैं. लेकिन, अगर चेहरे पर बाल आ रहे हो तो यह बहुत ज्यादा खराब लगता है. ऐसे में वह तरह-तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट लेती हैं. कई बार इतना सब कुछ करके भी कुछ फायदा नहीं होता है. अगर आप भी इस तरह की परेशानी का सामना कर रही हैं तो हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताने वाले हैं जिसे अपनाकर आप चेहरे पर आने वाले बालों से मुक्ति पा सकते हैं. जो चलिए जानते हैं उन घरेलू नुस्खों के बारे में-

नींबू, चीनी और पानी का करें इस्तोमाल

आपको बता दें कि नींबू, चीनी और पानी के इस्तेमाल से स्किन बहुत चमकदार और बेदाग बनती है. आपको बता दें कि नींबू में ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज होती हैं जो स्किन में निखार लेकर आती है. इसके साथ चीनी स्किन को एक्सफोलिएट करने में मदद करती है. इसे यूज करने के लिए 1 चम्मच चीनी में 2 चम्मच नींबू का रस मिलाएं और 3 चम्मच पानी मिलाएं. इसे कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाएं और 30 मिनट सूखने दें. कुछ देर बाद इसे स्क्रब कर निकाल दें. कुछ ही दिनों में इसके इस्तेमाल से चेहरे पर वाल कम हो जाएगा.  

पपीता और हल्दी का करें इस्तेमाल

इस फेस पैक से चेहरे के वाल कम होने लगते हैं. इसे बनाने के लिए आप एक पपीता लें और उसमें हल्दी मिलाकर लगाएं. इससे चेहरे पर अच्छी तरह से मसाज भी करें और चेहरे पर 20 मिनट रहने दें. कुछ ही देर में आपको चेहरे पर नया ग्लो दिखेगा और चेहरे पर बाल की समस्या भी कम हो जाएगी.  

बेसन, हल्दी और गुलाब जल का करें इस्तेमाल  

बेसन, हल्दी और गुलाब जल चेहरे पर नया ग्लो लेकर आता है. इसे यूज करने के लिए बेसन, हल्दी और गुलाब जल का पेस्ट तैयार कर चेहरे पर लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें. बाद में सादे पानी से घो लें. कुछ ही दिनों में चेहरे के बाल कम होने लगेंगे.

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Subha Utha Kar Kya Kar Na Chayeh | TalkInHindi

Subha Utha Kar Kya Kar Na Chayeh | TalkInHindi

कहते हैं कि अगर आपकी सुबह अच्छी हो तो तो पूरा दिन अच्छा निकलता है. यहती बात सेहत पर लागू होती है. लेकिन सुबह बिस्तर से उठने के बाद कुछ लोग जाने-अनजाने में ऐसी कई गलतियां करते हैं, जो दिनभर के लिए सुस्‍ती, थकान और अनहेल्‍दी लाइफस्‍टाइल की ओर धकेलती हैं. इन्हीं गलत आदतों की वजह से सेहत के साथ-साथ कई काम बिगड़ने के आसार रहते हैं.

हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सुबह देर तक सोना, इसके अलावा सुबह उठते ही मोबाइल फोन देखने लग जाना, एक्‍सरसाइज न करना, सुबह-सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीना, नाश्‍ते में तली-भुनी और अनहेल्‍दी चीजें खाना. आपकी सेहत के लिए नुकसान पहुंचाती हैं. इस खबर में हम आपके लिए इसी तरह की 4 गलत आदतों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें जल्द से जल्द आपको बदल लेना चाहिए.

सुबह उठने के बाद न करें ये गलतियां (Do not make these mistakes after waking up in the morning)

ब्रेकफास्‍ट स्किप करना 

डाइटिशियन डॉक्टर रंजना सिंह के अनुसार, हेल्दी नाश्ता सेहत को हमेशा हेल्दी रखता है. नाश्ता दिनभर का सबसे जरूरी आहार होता है, जो बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर को दिनभर ऊर्जानाव बनाए रखता है. इसलिए सुबह उठकर हेल्दी नाश्ता जरूर करें. अगर आप नाश्ता स्किप करते हतैं तो बीमारियों की चपेट में आने का खतरा ज्यादा होता है. 

घंटों बिस्‍तर पर पड़े रहना

अगर आप भी सुबह उठकर घंटों तक बिस्तर पर पड़े रहते हैं तो इस आदत को तुरंद बदल लें. क्योंकि ऐसा करने से न सिर्फ आपकी दिनचर्या प्रभावित होती है, बल्कि आप दिनभर सुस्‍त और थका हुआ सा महसूस कर सकते हैं. आपको सुबह उठकर एक्सरसाइज करना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि एक जगह काफी देर तक लेटे रहने से शरीर का ब्‍लड सर्कुलेशन बिगड़ जाता है. ऐसा करने से आपको कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं. 

खाली पेट चाय या कॉफी पीना

कुछ लोग सुबह उठकर सबसे पहले चाय या कॉफी का सेवन करते हैं. खाली पेट चाय-कॉफी का सेवन आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों ही सही मानते हैं, लेकिन नियमित तौर पर ऐसा करना गैस और पेट संबंधी अन्‍य समस्‍याओं का कारण बन सकता है. अगर आपको अपने दिन की हेल्‍दी शुरूआत करनी है तो आपको सुबह उठते ही गुनगुने पानी में नींबू और एक चम्‍मच शहद डालकर पीना चाहिए. साथ ही यह शरीर की गंदगी को बाहर करता है.

एक्‍सरसाइज न करना

कुछ लोग सुबह उठकर एक्सरसाइज नहीं करते. जिससे दिनभर सुस्ती छायी रहती है. इसलिए आपको एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए. एक्‍सरसाइज करने से न सिर्फ आप दिनभर एक्टिव रहते हैं, बल्कि आप कई गंभीर रोगों से भी अपना बचाव करते हैं. इससे आप मानसिक रूप से भी काफी गतिशील रहते हैं. 

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.

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Aate Ko Kasie Store Kare | TalkInHindi

Aate Ko Kasie Store Kare | TalkInHindi

लंबे समय तक आटे को स्टोर किया जा सकता है, इसके लिए आप यहां बताए गए तरीकों को आजमा सकती हैं।

आमतौर पर महिलाएं कीड़े-मकोड़ों के डर से अधिक मात्रा में आटे को स्टोर नहीं करती। इसलिए मार्केट से कम मात्रा में ही आटा खरीदती हैं। वहीं बारिश के मौसम में आटे को स्टोर करना काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि इसमें अलग-अलग तरीके के कीड़े पनपने लगते हैं। जिसकी वजह से आटे को मजबूरन फेंकना पड़ जाता है। हालांकि, अगर स्टोर करने का तरीका सही हो, तो ना सिर्फ आटे को कीड़ों से बचा सकते हैं बल्कि इन्हें समय तक स्टोर भी कर सकते हैं।

आटे को तब तक इस्तेमाल किया जा सकता है, जब तक उसमें कीड़े न लगे। कुछ लोग जूट के बैग में आटा स्टोर करते हैं, लेकिन इससे यह जल्दी खराब हो जाएगा। लंबे समय तक स्टोर करने के लिए कुछ बातों का हमेशा ख्याल रखना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि आटे को लंबे समय तक स्टोर कैसे किया जा सकता है।

स्टील के कंटेनर का इस्तेमाल

आटे को कभी भी प्लास्टिक या फिर जूट के बैग में स्टोर न करें। दरअसल आटे में नमी आने की वजह से यह जल्दी खराब हो जाते हैं। इसे स्टोर करने के लिए आप स्टील या फिर एलुमिनियम के कंटेनर का इस्तेमाल कर सकती हैं। कंटेनर को इस्तेमाल करने से पहले इसे अच्छी तरह धोकर धूप में सुखा लें। इसके बाद इसे आटे को स्टोर करें, ध्यान रखें कि इसमें बिल्कुल भी पानी नहीं होनी चाहिए। अगर आप इसका ढक्कन खोल रही हैं तो तुरंत बंद भी कर दें। बार-बार ढक्कन को खोलने और बंद करने से भी आटे खराब होने लगते हैं। वहीं आटे को निकालने के लिए हमेशा ड्राई चम्मच या फिर अन्य किसी बर्तन का इस्तेमाल करें।

नमक का इस्तेमाल करें

अगर आप आटे को एक साथ तक स्टोर करना चाहती हैं तो इसमें नमक मिक्स कर दें। अगर आटा 10 केजी है तो उसमें चार से पांच चम्मच नमक मिक्स कर दें और फिर इसे स्टोर करें। इससे कीड़े-मकोड़े नहीं लगेंगे और आटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। इसके लिए सबसे पहले कंटेनर में आधा आटा डालने के बाद 2 से 3 चम्मच नमक मिक्स करें। दोनों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिक्स कर दें और फिर बचे आटे को मिक्स करें और ऊपर से 2 से 3 चम्मच नमक मिक्स करें। अब चम्मच की मदद से आटे को दोबारा मिक्स करें।

सूखी मिर्च और तेजपत्ता का इस्तेमाल

नमक की जगह आप सूखी मिर्च और तेजपत्ता का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए आप 10 से 15 सबूत सूखी मिर्च और 3 से 4 तेजपत्ता मिक्स कर दें। इन दोनों की चीजों को आप आटे में मिक्स वक्त ध्यान रखें कि मिर्च के बीज आटे में मिक्स ना हो। जब भी आप आटा निकाले उसे छन्नी छान लें। तेज पत्ते और सूखी मिर्च की वजह से कीड़े-मकोड़े नहीं लगते हैं। यही नहीं इसका इस्तेमाल आप चावल में भी कर सकते हैं।

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Amul Franchise Kaise La | TalkInHindi

Amul Franchise Kaise La | TalkInHindi

अगर आप नई नौकरी की तलाश में हैं तो हम आपको एक ऐसे बिजनेस (Business Opportunity) के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको शुरू कर आप पहले दिन से ही मोटी कमाई (Earn money) कर सकते हैं. डेयरी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी अमूल (Amul) के साथ बिजनेस करने का इस समय बड़ा मौका है. दरअसल, अमूल फ्रेंचाइजी (Amul franchise) ऑफर कर रही है. छोटे निवेश में हर महीने नियमित कमाई की जा सकती है. अमूल की फ्रेंचाइजी लेना फायदे का सौदा है. इसमें नुकसान ना के बराबर होने की गुंजाइश होती है.

2 लाख से शुरू कर सकते हैं बिजनेस

अमूल बिना किसी रॉयल्‍टी या प्रॉफिट शेयरिंग के फ्रेंचाइजी ऑफर कर रही है. यही नहीं, अमूल की फ्रेंचाइजी लेने का खर्च भी बहुत ज्‍यादा नहीं है. आप 2 लाख से लेकर 6 लाख रुपए खर्च करके अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं. कारोबार की शुरुआत में ही अच्‍छा खासा प्रॉफिट कमाया जा सकता है. फ्रेंचाइजी के जरिए हर महीने लगभग 5 से 10 लाख रुपए की बिक्री हो सकती है. हालांकि, यह जगह पर भी निर्भर करता है.

कैसे लेनी होगी फ्रेंचाइजी

अमूल दो तरह की फ्रेंचाइजी ऑफर कर रहा है. पहली अमूल आउटलेट, अमूल रेलवे पार्लर या अमूल क्‍योस्‍क की फ्रेंचाइजी और दूसरी अमूल आइसक्रीम स्‍कूपिंग पार्लर की फ्रेंचाइजी. अगर आप पहली वाली में निवेश करना चाहते हैं तो 2 लाख रुपए निवेश करने होंगे. वहीं अगर दूसरी फ्रेंचाइजी लेने का सोच रहे हैं तो 5 लाख का निवेश करना होगा. इसमें नॉन रिफंडेबल ब्रांड सिक्‍योरिटी के तौर पर 25 से 50 हजार रुपये देने होंगे.

इतना मिलता है कमीशन

अमूल आउटलेट लेने पर कंपनी अमूल प्रोडक्‍ट्स के मिनिमम सेलिंग प्राइस यानी एमआरपी पर कमीशन देती है. इसमें एक मिल्‍क पाउच पर 2.5 फीसदी, मिल्‍क प्रोडक्‍ट्स पर 10 फीसदी और आइसक्रीम पर 20 फीसदी कमीशन मिलता है. अमूल आइसक्रीम स्‍कूपिंग पार्लर की फ्रेंचाइजी लेने पर रेसिपी बेस्‍ड आइसक्रीम, शेक, पिज्‍जा, सेंडविच, हॉट चॉकेलेट ड्रिंक पर 50 फीसदी कमीशन मिलता है. वहीं, प्री-पैक्‍ड आइसक्रीम पर 20 फीसदी और अमूल

पड़ेगी इतनी जगह की जरुरत

अगर आप अमूल आउटलेट लेते हैं तो आपके पास 150 वर्ग फुट जगह होनी चाहिए. वहीं, अमूल आइसक्रीम पार्लर की फ्रेंचाइजी के लिए कम से कम 300 वर्ग फुट की जगह होनी चाहिए.

कैसे करें अप्‍लाई

अगर आप फ्रेंचाइजी के लिए अप्‍लाई करना चाहते हैं तो आपको retail@amul.coop पर मेल करना होगा. इसके अलावा इस लिंक http://amul.com/m/amul-scooping-parlours पर जाकर भी जानकारी ली जा सकती है.

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