Child Swallow Coin What To Do | TalkInHindi

MehakAggarwal | July 8, 2021 | 0 | Article

कई बार बच्चे नासमझी में कोई दवा या सिक्का या कोई ऐसी चीज निगल लेते हैं कि हमारी सांसें थम जाती हैं. घरवाले परेशान होकर तमाम नुस्खे अपनाने लगते हैं. लेकिन कई बार दवाओं का रिऐक्शन काफी असर कर जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि अगर बच्चा ऐसा कुछ कर ले तो आपको क्या करना चाहिए. डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML Hospital) के पिडिएट्र‍िश‍ियन डॉ दिनेश कुमार से जानिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारी.

सबसे पहले तो हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे इस तरह की चीजों तक न पहुंचें. इसके लिए अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है. दवाएं या ऐसी चीजें जो बच्चों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, उनकी पहुंच से काफी दूर लॉक करके रखें. लेकिन अगर फिर भी बच्चा गलती से कुछ ऐसा कर ले तो आपको अपना धीरज नहीं खोना है. सबसे पहले यह समझने की जरूरत है कि बच्चे ने क्या खाया है और उससे उसे कैसे लक्षण आ रहे हैं.

सबसे पहले क्या करें

आप अगर अपने बच्चे के डॉक्टर से संपर्क में रहते हैं तो सबसे पहले उनसे बात करें. अगर बात न हो सके तो तत्काल पास के किसी अस्पताल की इमरजेंसी में जाएं. डॉ दिनेश कुमार कहते हैं कि बच्चे को घर में उल्टी कराने के बजाय अस्पताल ले जाना सबसे उचित विकल्प होता है. क्योंकि अस्पताल में दवाओं के एंटी डॉट्स या उन दवाओं के असर को कम करने के प्रॉपर मैनेजमेंट होते हैं, वहां डॉक्टर किसी भी तरह जहरीली या गलत असर वाली दवाओं का असर कम कर सकते हैं.

लोग बच्चों के कुछ खा लेने पर उल्टी कराना ही सही विकल्प मानते हैं, लेकिन किन्हीं पर‍िस्थितियों में ही उल्टी कराना ठीक होता है. हर परिस्थिति में उल्टी कराना सही विकल्प नहीं होता. इसलिए ऐसे मामलों में घर में ट्रीट करना काफी खतरनाक हो सकता है. अगर आप इमरजेंसी मेडिसिन में लेकर जाते हैं तो वहां कई दवाएं ऐसी होती हैं जिसमें किसी भी ड्रग को न्यूट्र‍िलाइज करने के लिए दवाएं ख‍िलाई जाती हैं जोकि तेज असर करती हैं

अगर बच्चा सिक्का वगैरह निगल ले ते ये तभी चिंताजनक स्थित‍ि होती है जब वो सिक्का या कोई और सख्त चीज खाने की नली से न होकर फेफड़ों के रास्ते गया है. वैसे इन मामलों में डॉक्टर को दिखाना होता है क्योंकि कई बार खाने के रास्ते में जाने पर भी आंतों में फंसने की समस्या पैदा हो सकती है. ऐसे में डॉक्टर एक्स रे करते हैं, अगर सिक्के या हार्ड चीज पेट में खतरा पैदा कर रही है तो उन्हें पिडियाट्रिक सर्जन की मदद से बाहर निकालने की जरूरत होती है.

आपको बता दें कि एम्स का प्वाइ‍जनिंग सेंटर भी ऐसे मामलों में काफी मददगार साबित हो सकता है. वैसे तो ये सेंटर डॉक्टर्स की हेल्प के लिए बना है लेकिन यहां आम व्यक्त‍ि भी अगर फोन करके प्वाइजनिंग के बारे में प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी मांगता है तो उसकी मदद की जाती है.

ये है वेबसाइट का लिंक 

ये है हेल्पलाइन नंबर – Toll free number: 1800116117

पूरी जानकारी दें 

सबसे पहले आप यह चेक करें कि कहीं दवा बच्चे के मुंह या गले के आसपास तो नहीं फंसी, ऐसे में उसे उल्टी करा सकते हैं. लेकिन अगर उसने दवा निगल ली है तो आप डॉक्टर के पास उस दवा के बारे में  पूरी जानकारी के साथ साथ मात्रा भी जरूर बताएं. डॉक्टर के पास यह जानकारी होना बहुत जरूरी होता है कि बच्चे ने आख‍िर क्या खाया है तभी उसका इलाज वो आसान तरीके से कर सकते हैं. 

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