हस्तलेखन का मध्य क्षेत्र (Middle Zone): व्यक्तित्व का गहन विश्लेषण

MehakAggarwal | January 3, 2026 | 0 | Article

हस्तलेखन विश्लेषण में किसी व्यक्ति की लिखावट के तीन मुख्य क्षेत्र माने जाते हैं—ऊपरी क्षेत्र, मध्य क्षेत्र और निचला क्षेत्र। इनमें से मध्य क्षेत्र (Middle Zone) व्यक्ति के दैनिक जीवन, व्यवहार, भावनात्मक संतुलन और सामाजिक सोच से सीधे तौर पर जुड़ा होता है।

आज के इस लेख में हम हस्तलेखन के मध्य क्षेत्र का गहन विश्लेषण करेंगे और जानेंगे कि मध्य क्षेत्र के विभिन्न प्रकार व्यक्ति के व्यक्तित्व के बारे में क्या संकेत देते हैं।

मध्य क्षेत्र क्या है?

मध्य क्षेत्र वह हिस्सा होता है जिसमें व्यक्ति द्वारा बनाए गए अक्षरों के स्ट्रोक और घुमाव (curves) ऊपरी और निचले क्षेत्र की तुलना में अधिक प्रमुख होते हैं।

उदाहरण:
जब कोई व्यक्ति छोटा अक्षर ‘d’ लिखता है, तो यदि उसका गोलाकार भाग ऊपर या नीचे जाने वाली रेखाओं की तुलना में अधिक स्पष्ट और बड़ा दिखाई देता है, तो यह मध्य क्षेत्र की प्रधानता को दर्शाता है।

मध्य क्षेत्र हस्तलेखन के विभिन्न प्रकार

1. प्रमुख मध्य क्षेत्र (Prominent Middle Zone)

इस प्रकार की लिखावट में अक्षर सिंगल लाइन कॉपी की सीमा के भीतर रहते हैं और उनका गोलाकार भाग अधिक स्पष्ट होता है, जबकि ऊपर या नीचे की ओर जाने वाली रेखाएँ बहुत छोटी होती हैं।

उदाहरण:
अक्षर ‘g’ या ‘d’ का गोलाकार भाग प्रमुख दिखता है, लेकिन ऊपर-नीचे जाने वाला स्ट्रोक कमज़ोर होता है।

व्यक्तित्व संकेत:

  • अत्यधिक महत्वाकांक्षी
  • लक्ष्य-केन्द्रित सोच
  • अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए स्पष्ट विचार और दृष्टिकोण
  • सामाजिक कार्यों जैसे दान और सहायता में रुचि
  • आत्मविश्वास से भरपूर व्यक्तित्व

2. अत्यधिक प्रमुख मध्य क्षेत्र (Overly Prominent Middle Zone)

इस प्रकार की लिखावट में अक्षर का गोलाकार भाग बहुत बड़ा होता है, लेकिन उसका स्ट्रोक सिंगल लाइन की सीमा से बाहर नहीं जाता। यानी न तो ऊपर की ओर और न ही नीचे की ओर विस्तार होता है।

व्यक्तित्व संकेत:

  • अत्यधिक आत्म-केन्द्रित सोच
  • टीम वर्क में रुचि की कमी
  • केवल अपने लाभ और कार्य पर ध्यान
  • छोटी-छोटी बातों पर बहस और विवाद की प्रवृत्ति
  • भावनात्मक और मानसिक परिपक्वता का अभाव

3. छोटा-बड़ा का मेल (Mixed Size Middle Zone)

इस प्रकार की लिखावट में सिंगल लाइन के भीतर कुछ अक्षर बहुत बड़े होते हैं जबकि कुछ अक्षर अत्यधिक छोटे होते हैं। यानी मध्य क्षेत्र में आकार की निरंतरता नहीं होती।

व्यक्तित्व संकेत:

  • भावनात्मक अस्थिरता
  • मूड में तेज़ और बार-बार परिवर्तन
  • कभी अत्यधिक प्रसन्न, तो कभी उदास, क्रोधित या उग्र
  • सामाजिक तालमेल बनाने में कठिनाई
  • दूसरों के लिए इनके साथ रहना चुनौतीपूर्ण

4. मध्य क्षेत्र में अनियमित स्ट्रोक (Irregular Strokes in Middle Zone)

इस प्रकार की लिखावट में अक्षरों के स्ट्रोक अनियमित होते हैं, विशेष रूप से y, e, s जैसे अक्षरों में।

व्यक्तित्व संकेत:

  • भीतर छिपा भय और चिंता
  • मानसिक अशांति
  • जीवन में बार-बार समस्याओं और दबाव का सामना
  • छोटे और सरल कार्यों में भी तनाव
  • निरंतर मानसिक दबाव में रहने की प्रवृत्ति

5. ओवरलैपिंग स्ट्रोक (Overlapping Strokes)

इस प्रकार की लिखावट में अक्षरों या शब्दों के बीच बहुत कम या बिल्कुल भी जगह नहीं होती। कई बार अक्षर एक-दूसरे पर चढ़े हुए दिखाई देते हैं।

व्यक्तित्व संकेत:

  • प्रबंधन क्षमता की कमी
  • कार्यों और परियोजनाओं को व्यवस्थित रूप से न संभाल पाना
  • सौंपे गए दायित्वों को पूरा करने में असफलता
  • लक्ष्य प्राप्ति में बाधाएँ
  • अविश्वसनीय और बेईमान प्रवृत्ति

निष्कर्ष

हस्तलेखन का मध्य क्षेत्र व्यक्ति के वर्तमान जीवन, व्यवहार, भावनात्मक स्थिति और सामाजिक दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। मध्य क्षेत्र में मौजूद छोटे-छोटे संकेत किसी व्यक्ति की मानसिक अवस्था, आत्मविश्वास, महत्वाकांक्षा और व्यवहारिक समस्याओं को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यदि मध्य क्षेत्र का विश्लेषण सही ढंग से किया जाए, तो यह न केवल व्यक्तित्व को समझने में मदद करता है बल्कि व्यक्ति के जीवन में आने वाली चुनौतियों और संभावनाओं को भी उजागर करता है।

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